सवाल: अवैध पेड़ कटाई को रोकने के लिए क्या कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं? जवाब: अवैध पेड़ कटाई को रोकने के लिए निम्नलिखित कानून हैं जिनकी ...
जवाब: अवैध पेड़ कटाई को रोकने के लिए निम्नलिखित कानून हैं जिनकी मदद ली जा सकती है:
- वन संरक्षण अधिनियम, 1980;
- भारतीय वन अधिनियम, 1927;
- बिहार वृक्ष संरक्षण (शहरी क्षेत्र) अधिनियम, 2012
कार्रवाई:
- अवैध पेड़ कटाई एक संज्ञेय अपराध है इसके लिए आप नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर सकते हैं:
- बिहार वन विभाग के वेबसाईट forest.bih.nic.in या हेल्पलाइन नंबर: 1800-345-6726 पर शिकायत कर सकते हैं।
- शहरी क्षेत्रों में नगर निगम (जैसे patna.nic.in) या ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत को सूचित करें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में शिकायत करें (greentribunal.gov.in)।
बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत अवैध कटाई पर सख्ती है। सबूत (फोटो, वीडियो) के साथ तुरंत शिकायत करें।
सजा: 7 साल तक की जेल, जुर्माना और पौधारोपण का आदेश।
सवाल: क्या निजी जमीन पर पेड़ काटने के लिए भी अनुमति जरूरी है?
जवाब: निजी जमीन पर गैर-संरक्षित पेड़ (जैसे नीम, बबूल) काटने के लिए आमतौर पर अनुमति नहीं होती है, लेकिन स्थानीय प्राधिकरण (पंचायत/नगर निगम) को सूचित करना पड़ सकता है। संरक्षित प्रजातियां (जैसे चंदन, सागौन) या शहरी क्षेत्रों में अनुमति अनिवार्य है। बिहार के शहरी क्षेत्रों (पटना, गया) में सभी हरे पेड़ों के लिए नगर निकाय की अनुमति जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत से पुष्टि करें।
कार्रवाई: बिना अनुमति कटाई पर FIR, जुर्माना और पौधारोपण का आदेश हो सकता है।

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