यदि पुलिस FIR दर्ज करने से मना करती है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं: 1. पुलिस अधिकारी से लिखित में मना करने का कारण मांगें: पुलिस को FIR द...
यदि पुलिस FIR दर्ज करने से मना करती है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:
1. पुलिस अधिकारी से लिखित में मना करने का कारण मांगें:
पुलिस को FIR दर्ज न करने का कारण लिखित रूप में देना होगा। यह आपके लिए सबूत के रूप में काम आएगा।
2. उच्च पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें:
- थाना प्रभारी (SHO): पहले थाने के प्रभारी से बात करें।
- SP/DCP: अगर SHO न सुने, तो जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) या डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) से लिखित शिकायत करें। आप व्यक्तिगत रूप से, ईमेल, या रजिस्टर्ड डाक के जरिए शिकायत भेज सकते हैं।
- IG/DIG: अगर SP/DCP से भी समाधान न हो, तो इंस्पेक्टर जनरल (IG) या डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) से संपर्क करें।
3. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: कई राज्यों में पुलिस की वेबसाइट या पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा है। बिहार पुलिस की वेबसाइट (biharpolice.bih.gov.in) या Bihar Police Citizen Portal पर जाएं।ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें, शिकायत दर्ज करें, और FIR नंबर प्राप्त करें।
4. मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत करें:
- आप सीधे स्थानीय मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) के पास धारा 156(3) CrPC के तहत आवेदन दायर कर सकते हैं।
- इसके लिए एक वकील की मदद लें और अपनी शिकायत के साथ सबूत (जैसे घटना का विवरण, गवाह, पुलिस के मना करने का सबूत) पेश करें।
- मजिस्ट्रेट पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दे सकता है।
5. मानवाधिकार आयोग या अन्य प्राधिकरण:
अगर मामला मानवाधिकारों (जैसे पुलिस उत्पीड़न, बलात्कार) से जुड़ा है, तो राष्ट्रीय/राज्य मानवाधिकार आयोग (NHRC/SHRC) में शिकायत करें।
अगर मामला मानवाधिकारों (जैसे पुलिस उत्पीड़न, बलात्कार) से जुड़ा है, तो राष्ट्रीय/राज्य मानवाधिकार आयोग (NHRC/SHRC) में शिकायत करें।
महिला संबंधी मामलों में राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग से संपर्क करें।
6. मीडिया या RTI का सहारा:
- अगर पुलिस लगातार अनदेखी कर रही है, तो स्थानीय मीडिया या सोशल मीडिया (जैसे X) पर अपनी बात उठाएं।
- RTI दाखिल कर पुलिस से FIR न दर्ज करने का कारण और कार्रवाई की जानकारी मांगें।
सुझाव:
- सभी शिकायतें लिखित में और सबूतों (जैसे तारीख, समय, गवाह) के साथ करें।
- शिकायत की कॉपी और रसीद हमेशा रखें।
- अगर संभव हो, तो कानूनी सलाह के लिए वकील से संपर्क करें।

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